
गणा होम (गणेश याग)
भगवान गणेश भक्ताच्या जीवनातील सर्व अडथळे दूर करतात. श्री गणपतीची आराधना करण्याचा एक प्रकार म्हणजे गणेश यज्ञ. यालाच गणेश याग असेही म्हणतात. गणेश याग ही भगवान गणेशाची मुख्य पूजा आणि उपासना आहे. प्रत्येक महिन्यातील शुक्लपक्ष व कृष्णपक्ष चतुर्थी व चतुर्दशी हा गणेश याग करण्याचा सर्वात चांगला दिवस आहे.
गणेशाच्या जन्माच्या दिवशी गणेश याग केला जातो. गणपतीच्या वेगवेगळ्या अवतारांनुसार त्याच्या जन्मतिथीही वेगवेगळ्या आहेत. त्या म्हणजे वैशाख पौर्णिमा, ज्येष्ठ शुद्ध चतुर्थी, भाद्रपद शुद्ध चतुर्थी आणि माघ शुद्ध चतुर्थी. यापैकी कोणत्याही तिथीला आपण गणेश यज्ञ करून शकतो. हे व्रत करताना होमकुंडामध्ये दूर्वा, मोदक, शमीच्या समीधा, साळीच्या लाह्या आणि तीळ यांची आहुती दिली जाते. ब्रह्मणस्पती सूक्त व अथर्वशीर्ष पठण केले जाते.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | अगरबत्ती 01 पुडा |
| शंख | मोठ्या सुपार्या 250 नग |
| घंटी | बदाम 25 नग |
| हळद 100 ग्रॅम | खारिक 25 नग |
| कुंकू 100 ग्रॅम | अक्रोड 25 नग |
| गुलाल 50 ग्रॅम | हळकुंड 25 नग |
| अभिर 50 ग्रॅम | खडीसाखर 50 ग्रॅम |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | सुके खोबरे 07 नग |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | गुळ 250 ग्रॅम |
| पिवळी मोहरी 50 ग्रॅम | पंचखाद्य 250 ग्रॅम |
| शतावरी 50 ग्रॅम | नारळ 12 नग |
| सप्तमृत्तिका 25 ग्रॅम | तांदुळ 06 किलो |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | गहु 02 किलो |
| गोमुत्र 01 बाटली | पत्रावळी 10 नग |
| सुतगुंडी 02 नग | द्रोण 50 नग |
| पंचरंगी धागा 02 नग | पंचे 05 नग |
| अत्तर 02 बाटली | धोतर पान 01 नग |
| जानवी जोड 07 जोड | सोवळे 01 नग |
| गुग्गुळ 50 ग्रॅम | साडी 01 नग |
| धुप 50 ग्रॅम | ब्लाऊज पिस 08 नग |
| माचिस 01 नग | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 02 किलो |
| कापुर 100 ग्रॅम | बेल पत्र 51 नग |
| तेल वाती 01 नग | तुळस 03 जुडी |
| तुप वाती 01 नग | दुर्वा 10 जुडी |
| तिळाचे तेल 01 लिटर | फुलांचे हार 06 नग |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | आंब्याचे डहाळे 05 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | फुलांचे तोरण 01 नग |
| केळीचे खांब 08 नग | ताम्ह्न 05 नग |
| गजरे 05 नग | तांब्याचे तांबे 07 नग |
| वेण्या 04 नग | पळी 02 नग |
| विड्याची पाने 100 नग | भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग |
| फळे 15 नग ( 03 संच ) | स्टिलची ताटे 04 नग |
| केळी 12 नग | समई 02 नग |
| सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) 250 ग्रॅम | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| समिधा 500 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 04 किलो | गोमय ( गाईचे शेण ) पाव किलो |
| गोवर्या ( शेणी ) 15 नग | सुट्टे पैसे 100 नाणी |
| काळे तीळ 250 ग्रॅम | पातेल 01 नग |
| काळे उडीद 50 ग्रॅम | गणपतीची प्रतिमा ( सोन्याची किंवा चांदीची ) 01 नग |
| होमपुडा 01 नग | नवग्रह प्रतिमा 01 नग |
| लाह्या 250 ग्रॅम | गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) 01 नग |
| गाईचे तुप 02 किलो | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा |
| टोपली 01 नग | नैवेद्य मोदक 1021 नग |
| मध 01 बाटली | रेती किंवा माती 01 किलो |
| खाण्याचे रंग ( लाल, हिरवा, पिवळा, काळा ) प्रत्येकी 100 ग्रॅम | विटा 40 नग किंवा मोठ होमकुंड 01 नग |
| वरीचे तांदूळ 02 किलो | चौरंग 04 नग |
| बेलफळ 02 नग | पाट 05 नग |
| गव्हाचे पिठ ½ किलो | आसने 15 नग |
| दोन वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात | |
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टिप :-
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- जेवणाच्या नैवेद्याची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल.
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
- मोदक १०२१ नग यजमानानी तयार करावे.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 5
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 18000/- |
| ठाणे ते दादर | 21000/- |
| पनवेल | 21000/- |
| नवी मुंबई | 21000/- |
| वेस्टर्न | 21000/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 21000/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 21000/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 9000/- |
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