
निधन शांत
व्यक्तीच्या मृत्यूमुळे निर्माण झालेले अरिष्ट दूर करण्यासाठी ही निधन शांती करतात. ही शांती शुद्धीसाठी आहे. या शांतीमधे वरुण आणि मृत्युंजय देवता यांच्या पूजनाबरोबरच निरनिराळ्या वैदिक सूक्तांचे पठण केले जाते. हे कार्य बाराव्या दिवशी किंवा तेराव्या दिवशी घरी किंवा मंदिरात केले जाते.
सामुग्री यादी : |
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| फुल | ब्लाऊजपिस१ |
| तुळस | पंचा१ |
| बेल | तुप |
| दूर्वा | निरांजन |
| फळ ५ | अगरबत्ती |
| विड्याची पाने २५ | कापूस |
| अंब्याचेडहाळे | कापूर |
| हळद | काडेपेटी |
| कुंकू | ताट २ |
| अबिर | वाटी १० |
| चंदन | पातील १ |
| रांगोळी | तांब्याचे तांबे २ |
| पंचामृत | ताम्हण २ |
| गोमुत्र | पळी भांड |
| जान्हवी जोड ५ | पाट किंवा आसने ४ |
| सुपारी २५ | सुट्टी नानी २५ रुपये |
| तांदुळ २किलो | नारळ५ |
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