
रुद्र याग
भगवान शिवाचा आशीर्वाद मिळविण्यासाठी रुद्र याग केला जातो. रुद्र यागाच्या आशीर्वादाने कोणत्याही घातक रोगावर विजय मिळू शकतो. या यागामुळे बाधा व पापे नष्ट होतात. या यागामुळे जमिनीचे संकट दूर होऊ शकते. रुद्र याग वाईट शक्तीचा प्रभाव कमी करण्यासाठी देखील केला जातो.
हे जग सकारात्मक आणि नकारात्मक उर्जेचा खेळ आहे. रुद्र पूजा हा रोग, नैराश्य आणि दुःखाच्या रूपात आपल्या आत आणि आजूबाजूला जी काही नकारात्मक ऊर्जा आहे ती नष्ट करण्याचा सर्वात सोपा मार्ग आहे. असे केल्याने शांती, आनंद आणि समृद्धी यासारखी सकारात्मक ऊर्जा वाढते. आपले शरीर, मन आणि आत्मा प्रसन्न राहण्यासाठी रुद्र याग केला जातो.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | सोवळे 01 नग |
| शंख | साडी 01 नग |
| घंटी | ब्लाऊज पिस 08 नग |
| हळद 100 ग्रॅम | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 02 किलो |
| कुंकू 100 ग्रॅम | बेल पत्र 1108 नग |
| गुलाल 50 ग्रॅम | तुळस 03 जुडी |
| अभिर 50 ग्रॅम | दुर्वा 10 जुडी |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | फुलांचे हार 06 नग |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | आंब्याचे डहाळे 05 नग |
| पिवळी मोहरी 50 ग्रॅम | फुलांचे तोरण 01 नग |
| शतावरी 50 ग्रॅम | केळीचे खांब 08 नग |
| सप्तमृत्तिका 25 ग्रॅम | गजरे 05 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | वेण्या 04 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | विड्याची पाने 100 नग |
| सुतगुंडी 02 नग | फळे 15 नग ( 03 संच ) |
| पंचरंगी धागा 02 नग | केळी 12 नग |
| अत्तर 02 बाटली | सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) 250 ग्रॅम |
| जानवी जोड 07 जोड | समिधा 500 नग |
| गुग्गुळ 50 ग्रॅम | बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 04 किलो |
| धुप 50 ग्रॅम | गोवर्या ( शेणी ) 15 नग |
| माचिस 01 नग | काळे तीळ 03 किलो |
| कापुर 100 ग्रॅम | काळे उडीद 50 ग्रॅम |
| तेल वाती 01 नग | होमपुडा 01 नग |
| तुप वाती 01 नग | लाह्या 250 ग्रॅम |
| तिळाचे तेल 01 लिटर | गाईचे तुप 02 किलो |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | पायस ( तीन वाट्या तांदळाचा भात / दोन वाटी साखर / दोन वाटी दुध ) |
| गंगाजळ 01 बाटली | टोपली 01 नग |
| अगरबत्ती 01 पुडा | मध 01 बाटली |
| मोठ्या सुपार्या 250 नग | खाण्याचे रंग ( लाल, हिरवा, पिवळा, काळा ) प्रत्येकी 100 ग्रॅम |
| बदाम 25 नग | वरीचे तांदूळ 02 किलो |
| खारिक 25 नग | बेलफळ 02 नग |
| अक्रोड 25 नग | गव्हाचे पिठ ½ किलो |
| हळकुंड 25 नग | दोन वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात |
| खडीसाखर 50 ग्रॅम | रेती किंवा माती 01 किलो |
| सुके खोबरे 07 नग | विटा 40 नग किंवा मोठ होमकुंड 01 नग |
| गुळ 250 ग्रॅम | चौरंग 04 नग |
| पंचखाद्य 250 ग्रॅम | पाट 05 नग |
| नारळ 12 नग | आसने 15 नग |
| तांदुळ 06 किलो | ताम्ह्न 05 नग |
| गहु 02 किलो | तांब्याचे तांबे 07 नग |
| पत्रावळी 10 नग | पळी 02 नग |
| द्रोण 50 नग | भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग |
| पंचे 05 नग | स्टिलची ताटे 04 नग |
| धोतर पान 01 नग | समई 02 नग |
| निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग | नवग्रह प्रतिमा 01 नग |
| पंचामृत 01 वाटी | गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) 01 नग |
| गोमय ( गाईचे शेण ) पाव किलो | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा |
| सुट्टे पैसे 100 नाणी | नैवेद्य दही भाताचा आणि चुरमा लाडु |
| पातेल 01 नग | शंकराची / नंदीची / नागाची प्रतिमा ( सोन्याची किंवा चांदीची ) प्रत्येकी 01 नग |
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टिप :-
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- जेवणाच्या नैवेद्याची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल.
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप , दूध २.५ लीटर ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 4
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 18000/- |
| ठाणे ते दादर | 21000/- |
| पनवेल | 18000/- |
| नवी मुंबई | 18000/- |
| वेस्टर्न | 25000/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 21000/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 21000/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 11000/- |
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