
विष्णु याग
यज्ञ हे वेदांचे हृदय आहे, सनातन धर्माचा अविभाज्य भाग आहे आणि नाभीसारखे जगाचे मूळ आहे. प्राचीन काळापासून हिंदू धर्मात विविध प्रकारचे यज्ञ केले जातात.
भगवान विष्णू हे हिंदू धर्मातील सर्वात महत्वाचे आणि पूजनीय देव आहेत. हिंदू धर्मानुसार, जीवनातील सर्व वर्दळ आणि संपूर्ण जगाचे संतुलन भगवान विष्णूद्वारे व्यवस्थापित केले जाते. विश्वाची निर्मिती करणाऱ्या भगवान विष्णूचा आशीर्वाद मिळविण्यासाठी विष्णुयज्ञ केला जातो.
या यज्ञामुळे नाव आणि कीर्ती, आरोग्य, संपत्ती आणि शांती यांच्या इच्छा पूर्ण होण्यास मदत होते, भगवान श्रीविष्णूचे आशीर्वाद मिळण्यास मदत होते. हा यज्ञ भक्ताच्या कुंडलीतील दोष दूर करण्यास मदत करतो. या यज्ञामुळे दुःख दूर होऊन जीवनात आनंद वाढतो.
[trx_sc_table type=”default” align=”none” width=”100%” title_style=”default” title_align=”default” title=”” subtitle=”” description=”” link=”” link_text=”” link_image=”” id=”” class=”” css=””]
[trx_sc_table type=”default” align=”none” width=”100%” title_style=”default” title_align=”default” title=”” subtitle=”” description=”” link=”” link_text=”” link_image=”” id=”” class=”” css=””]
सामग्री यादी : |
|
| गणपती | तांदुळ 06 किलो |
| शंख | गहु 02 किलो |
| घंटी | पत्रावळी 10 नग |
| हळद 100 ग्रॅम | द्रोण 50 नग |
| कुंकू 100 ग्रॅम | पंचे 05 नग |
| गुलाल 50 ग्रॅम | धोतर पान 01 नग |
| अभिर 50 ग्रॅम | सोवळे 01 नग |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | साडी 01 नग |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | ब्लाऊज पिस 08 नग |
| पिवळी मोहरी 50 ग्रॅम | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 02 किलो |
| शतावरी 50 ग्रॅम | बेल पत्र 1108 नग |
| सप्तमृत्तिका 25 ग्रॅम | तुळस 03 जुडी |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | दुर्वा 10 जुडी |
| गोमुत्र 01 बाटली | फुलांचे हार 06 नग |
| सुतगुंडी 02 नग | आंब्याचे डहाळे 05 नग |
| पंचरंगी धागा 02 नग | फुलांचे तोरण 01 नग |
| अत्तर 02 बाटली | केळीचे खांब 08 नग |
| जानवी जोड 07 जोड | गजरे 05 नग |
| गुग्गुळ 50 ग्रॅम | वेण्या 04 नग |
| धुप 50 ग्रॅम | विड्याची पाने 100 नग |
| माचिस 01 नग | फळे 15 नग ( 03 संच ) |
| कापुर 100 ग्रॅम | केळी 12 नग |
| तेल वाती 01 नग | सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) 250 ग्रॅम |
| तुप वाती 01 नग | समिधा 500 नग |
| तिळाचे तेल 01 लिटर | बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 04 किलो |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | गोवर्या ( शेणी ) 15 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | काळे तीळ 02 किलो |
| अगरबत्ती 01 पुडा | काळे उडीद 50 ग्रॅम |
| मोठ्या सुपार्या 250 नग | होमपुडा 01 नग |
| बदाम 25 नग | लाह्या 250 ग्रॅम |
| खारिक 25 नग | गाईचे तुप 02 किलो |
| अक्रोड 25 नग | टोपली 01 नग |
| हळकुंड 25 नग | मध 01 बाटली |
| खडीसाखर 50 ग्रॅम | खाण्याचे रंग ( लाल, हिरवा, पिवळा, काळा ) प्रत्येकी 100 ग्रॅम |
| सुके खोबरे 07 नग | वरीचे तांदूळ 02 किलो |
| गुळ 250 ग्रॅम | बेलफळ 02 नग |
| पंचखाद्य 250 ग्रॅम | गव्हाचे पिठ ½ किलो |
| नारळ 12 नग | दोन वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात |
| रेती किंवा माती 01 किलो | गोमय ( गाईचे शेण ) पाव किलो |
| विटा 40 नग किंवा मोठ होमकुंड 01 नग | सुट्टे पैसे 100 नाणी |
| चौरंग 04 नग | पातेल 01 नग |
| पाट 05 नग | विष्णूची प्रतिमा ( सोन्याची किंवा चांदीची ) प्रत्येकी 01 नग |
| आसने 15 नग | नवग्रह प्रतिमा 01 नग |
| ताम्ह्न 05 नग | गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) 01 नग |
| तांब्याचे तांबे 07 नग | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा |
| पळी 02 नग | नैवेद्य गोडाचा शिरा आणि पेढे पाव किलो |
| भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| स्टिलची ताटे 04 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| समई 02 नग | |
[/trx_sc_table]
टिप :-
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- जेवणाच्या नैवेद्याची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल.
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप , दूध २.५ लीटर ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 6
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 15000/- |
| ठाणे ते दादर | 21000/- |
| पनवेल | 18000/- |
| नवी मुंबई | 18000/- |
| वेस्टर्न | 21000/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 18000/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 18000/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 9000/- |
[/trx_sc_table]
पूजा बुक करा
