
संकष्टी चतुर्थी व्रत उद्यापन 21 आवर्तन अभिषेक
गणपतीला “विनायक” किंवा “गणपती” असेही म्हणतात. हिंदू धर्मात अनेक देवांची पूजा केली जाते, त्यापैकी एक गणपती आहे. त्याला बुद्धिमत्ता, कला आणि विज्ञानाचा स्वामी म्हणूनही ओळखले जाते. हे व्रत संकष्टी चतुर्थीला करायचे आहे
हे पूजन जो कोणी करतो त्याला समृद्धी आणि आनंद प्राप्त होतो. हे पूजनही काही लोक साध्य करण्याच्या हेतूने करतात.
[trx_sc_table type=”default” align=”none” width=”100%” title_style=”default” title_align=”default” title=”” subtitle=”” description=”” link=”” link_text=”” link_image=”” id=”” class=”” css=””]
[trx_sc_table type=”default” align=”none” width=”100%” title_style=”default” title_align=”default” title=”” subtitle=”” description=”” link=”” link_text=”” link_image=”” id=”” class=”” css=””]
सामग्री यादी : |
|
| गणपती | हळकुंड 15 नग |
| शंख | खडीसाखर 20 ग्रॅम |
| घंटी | सुके खोबरे 05 नग |
| हळद 50 ग्रॅम | गुळ 250 ग्रॅम |
| कुंकू 50 ग्रॅम | पंचखाद्य 50 ग्रॅम |
| गुलाल 50 ग्रॅम | नारळ 12 नग |
| अभिर 50 ग्रॅम | तांदुळ 05 किलो |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | गहु 02 किलो |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | पत्रावळी 05 नग |
| पिवळी मोहरी 50 ग्रॅम | द्रोण 25 नग |
| शतावरी 10 ग्रॅम | पंचे 04 नग |
| सप्तमृत्तिका 10 ग्रॅम | धोतर पान 01 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | साडी 01 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | ब्लाऊज पिस 05 नग |
| सुतगुंडी 01 नग | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 01 किलो |
| पंचरंगी धागा 01 नग | बेल पत्र 25 नग |
| अत्तर 01 बाटली | तुळस 01 जुडी |
| जानवी जोड 05 जोड | दुर्वा 02 जुडी |
| गुग्गुळ 50 ग्रॅम | उफाललेल्या दुर्वा 05 जुडी |
| धुप 50 ग्रॅम | गाईचे दुध ½ लीटर |
| माचिस 01 नग | फुलांचे हार 03 नग |
| कापुर 50 ग्रॅम | सर्व प्रकारची पत्री 02 जुडी |
| तेल वाती 01 नग | आंब्याचे डहाळे 05 नग |
| तुप वाती 01 नग | फुलांचे तोरण 01 नग |
| तिळाचे तेल 01 लिटर | केळीचे खांब 04 नग |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | गजरे 04 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | वेण्या 03 नग |
| अगरबत्ती 01 पुडा | विड्याची पाने 50 नग |
| मोठ्या सुपार्या 180 नग | फळे 15 नग ( 03 संच ) |
| बदाम 15 नग | केळी 06 नग |
| खारिक 15 नग | सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) प्रत्येकी 250 ग्रॅम |
| अक्रोड 15 नग | समिधा 400 नग |
| बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 04 किलो | नैवेद्यपुरणपोळि / पुरण / 108 मोदक |
| गोवर्या ( शेणी ) 10 नग | ताम्ह्न 05 नग |
| काळे तीळ 250 ग्रॅम | तांब्याचे तांबे 05 नग |
| काळे उडीद 50 ग्रॅम | पळी 02 नग |
| होमपुडा 01 नग | भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग |
| गाईचे तुप 01 किलो | स्टिलची ताटे 04 नग |
| टोपली 01 नग | समई 02 नग |
| मध 01 बाटली | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| खाण्याचे रंग ( लाल, हिरवा, पिवळा, काळा ) प्रत्येकी 50 ग्रॅम | पंचामृत 01 वाटी |
| वरीचे तांदूळ 02 किलो | सुट्टे पैसे 50 नाणी |
| बेलफळ 05 नग | पातेल 01 नग |
| गव्हाचे पिठ 500 ग्रॅम | दर्भ शेष नाग 1 नग |
| तिन वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात | नवग्रह प्रतिमा |
| रेती किंवा माती 01 किलो | गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) |
| विटा 30 नग किंवा मोठ होमकुंड 01 नग | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा गणपतीचा फोटो |
| चौरंग 04 नग | आसने 06 नग |
| पाट 06 नग | |
[/trx_sc_table]
टिप :-
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- जेवणाच्या नैवेद्याची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेलरक्षोघ्न होम
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
- 11, 21, 51, 111 मोदक ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 2100/- |
| ठाणे ते दादर | 3100/- |
| पनवेल | 2100/- |
| नवी मुंबई | 2100/- |
| वेस्टर्न | 3100/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 3100/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 3100/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 600/- |
[/trx_sc_table]
पूजा बुक करा
