
वरदशंकर पूजन
सत्यनारायण, सत्यविनायकाप्रमाणेच शीघ्र फळ देणारे व लिंगायत अथवा शैव सांप्रदायिक शिवभक्तांमध्ये अत्यंत लोकप्रिय असणारे व प्रत्यक्ष शंकरांनी ब्रह्मदेवांना सांगितलेले हे व्रत आहे. भगवान शंकराच्या पूजनात वरद शंकर पूजन केले जाते. शिष्यांना भगवान शंकराची वरद रूपातही पूजा करायला आवडते. हे खरे आहे की भगवान शिव प्रत्येकाला त्यांची जात, लिंग इत्यादीच्या आधारावर विशेष आशीर्वाद देतात.
हे पूजन जो कोणी करतो त्याला समृद्धी आणि आनंद प्राप्त होतो. हे पूजनही काही लोक साध्य करण्याच्या हेतूने करतात.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | हळकुंड 5 नग |
| शंख | खडीसाखर 20 ग्रॅम |
| घंटी | सुके खोबरे 02 नग |
| हळद 25 ग्रॅम | गुळ 100 ग्रॅम |
| कुंकू 25 ग्रॅम | पंचखाद्य 100 ग्रॅम |
| गुलाल 25 ग्रॅम | नारळ 3 नग |
| अभिर 25 ग्रॅम | तांदुळ 02 किलो |
| अष्टगंध 25 ग्रॅम | द्रोण 25 नग |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | पंचे 01 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | धोतर पान 01 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | ब्लाऊज पिस 02 नग |
| सुतगुंडी 01 नग | विविध प्रकारची सुवासीक फुले ½ किलो |
| पंचरंगी धागा 01 नग | बेल पत्र 121 नग |
| अत्तर 01 बाटली | भस्म 50 ग्रॅम |
| जानवी जोड 02 जोड | दुर्वा 01 जुडी |
| माचिस 01 नग | फुलांचे हार 01 नग |
| कापुर 25 ग्रॅम | आंब्याचे डहाळे 02 नग |
| तेल वाती 01 नग | फुलांचे तोरण 01 नग |
| तुप वाती 01 नग | विड्याची पाने 30 नग |
| तिळाचे तेल 01 लिटर | फळे 05 नग ( 01 संच ) |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | केळी 06 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | गाईचे तुप 100 ग्रॅम |
| अगरबत्ती 01 पुडा | दुध ½ लिटर |
| मोठ्या सुपार्या 25 नग | मध 01 बाटली |
| बदाम 5 नग | चौरंग 01 नग |
| खारिक 5 नग | आसने 03 नग |
| अक्रोड 5 नग | ताम्ह्न 03 नग |
| तांब्याचे तांबे 02 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| पळी 01 नग | सुट्टे पैसे 20 नाणी |
| भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग | पातेल 01 नग |
| स्टिलची ताटे 02 नग | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा शंकराची पिंड |
| समई 02 नग | नैवेद्य पेढे पाव किलो |
| निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग | |
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टिप :-
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 2500/- |
| ठाणे ते दादर | 3100/- |
| पनवेल | 3100/- |
| नवी मुंबई | 3100/- |
| वेस्टर्न | 3500/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 3500/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 3500/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 600/- |
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