
ग्रहणपर्वकाळ योग शांती
जर सूर्य/चंद्रग्रहण दरम्यान मुलाचा जन्म झाला असेल तर ते अशुभ मानले जाते. यामुळे त्या मुलाच्या जीवनात नकारात्मकता, आव्हाने आणि दुष्परिणाम वाढतात. तसेच, असे म्हटले जाते की यामुळे तुमच्या मुलाला जीवनात गरिबी, अपयश आणि आर्थिक संकटांना सामोरे जावे लागते. त्यामुळे ही शांतता करणे महत्त्वाचे आहे.
ही शांती केल्याने नकारात्मकता कमी होते आणि जीवनातील सकारात्मक ऊर्जा वाढते. त्यामुळे कौटुंबिक आणि व्यवसायातील तणावही कमी होतो. तसेच विवाह, समृद्धी, शिक्षण आणि प्रगतीच्या मार्गातील अडथळे दूर होतात.
इच्छित परिणाम साध्य करण्यात देखील मदत होते.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | तेल वाती 01 नग |
| शंख | तुप वाती 01 नग |
| घंटी | तिळाचे तेल 100 ग्रॅम |
| हळद 50 ग्रॅम | गुलाब पाणी 01 बाटली |
| कुंकू 50 ग्रॅम | गंगाजळ 01 बाटली |
| गुलाल 50 ग्रॅम | अगरबत्ती 01 पुडा |
| अभिर 50 ग्रॅम | मोठ्या सुपार्या 200 नग |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | बदाम 25 नग |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | खारिक 25 नग |
| पिवळी मोहरी 50 ग्रॅम | अक्रोड 25 नग |
| शतावरी 50 ग्रॅम | हळकुंड 25 नग |
| सप्तमृत्तिका 10 ग्रॅम | खडीसाखर 100 ग्रॅम |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | सुके खोबरे 07 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | गुळ 100 ग्रॅम |
| सुतगुंडी 01 नग | पंचखाद्य 200 ग्रॅम |
| पंचरंगी धागा 01 नग | नारळ 10 नग |
| अत्तर 01 बाटली | तांदुळ 05 किलो |
| जानवी जोड 10 जोड | गहु 02 किलो |
| गुग्गुळ 50 ग्रॅम | पत्रावळी 10 नग |
| धुप 25 ग्रॅम | द्रोण 25 नग |
| माचिस 01 नग | पंचे 02 नग |
| कापुर 100 ग्रॅम | धोतर पान 01 नग |
| पेढे पाव किलो | टोपली 01 नग |
| नवग्रह प्रतिमा 01 नग | मध 01 बाटली |
| गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) 01 नग | वरीचे तांदूळ 02 किलो |
| कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा | गव्हाचे पिठ ½ किलो |
| सोवळे 01 नग | यव ( जव ) 250 ग्रॅम |
| साडी 01 नग | एक वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात |
| ब्लाऊज पिस 06 नग | रेती किंवा माती 01 किलो |
| विविध प्रकारची सुवासीक फुले 01 किलो | विटा 12 नग किंवा मध्यम होमकुंड 01 नग |
| बेल पत्र 51 नग | चौरंग 03 नग |
| तुळस 01 जुडी | पाट 03 नग |
| दुर्वा 02 जुडी | आसने 05 नग |
| फुलांचे हार 02 नग | ताम्ह्न 10 नग |
| आंब्याचे डहाळे 10 नग | तांब्याचे तांबे 10 नग |
| गजरे 05 नग | पळी 02 नग |
| वेण्या 02 नग | भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग |
| विड्याची पाने 50 नग | स्टिलची ताटे 02 नग |
| फळे 10 नग | सुप 01 नग |
| केळी 12 नग | समई 02 नग |
| सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) 250 ग्रॅम | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| समिधा 500 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 03 किलो | सुट्टे पैसे 50 नाणी |
| गोवर्या ( शेणी ) 15 नग | पातेल 01 नग |
| काळे तीळ 250 ग्रॅम | होमपुडा 02 नग |
| काळे उडीद 100 ग्रॅम | गाईचे तुप 01 किलो |
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टिप :-
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 2
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 6000/- |
| ठाणे ते दादर | 6000/- |
| पनवेल | 6000/- |
| नवी मुंबई | 6000/- |
| वेस्टर्न | 6000/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 6000/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 6000/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 2100/- |
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