
योगेश्वरी नवरात्रि पूजन
हा हिंदू धर्मातील महत्त्वाचा सण आहे. याची सुरुवात देवी योगेश्वरीच्या पूजेने होते आणि दंतासुरावर तिच्या विजयासाठी उत्सव साजरा केला जातो. देवी मातेने अवतार स्वयंभू आहे. दंतासुर नावाच्या असुराचा वध करण्यासाठी देवीने मार्गशीर्ष पौर्णिमेला अवतार घेतला आहे. योगेश्वरी देवी मातेच्या जन्मोत्सवाला मार्गशीर्ष शु.सप्तमी पासून सुरुवात होवून मार्गशीर्ष शु. पोर्णिमेला नवचंडी पाठाचे हवन होते व यादिवशी उत्सवाची सांगता होते. तसेच मार्गशीर्ष पोर्णिमा यादिवशी योगेश्वरी देवीच्या जय घोषात पालखी नगरप्रदक्षिणा करण्यास प्रस्तान करते.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | हळकुंड 05 नग |
| शंख | खडीसाखर 20 ग्रॅम |
| घंटी | सुके खोबरे 02 नग |
| हळद 25 ग्रॅम | गुळ 250 ग्रॅम |
| कुंकू 25 ग्रॅम | पंचखाद्य 50 ग्रॅम |
| गुलाल 25 ग्रॅम | नारळ 04 नग |
| अभिर 25 ग्रॅम | तांदुळ 02 किलो |
| अष्टगंध 25 ग्रॅम | टोपली 01 नग |
| चंदन पावडर 25 ग्रॅम | पत्रावळी 01 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) एकत्र 100 ग्रॅम |
| गोमुत्र 01 बाटली | लाल माती किंवा काली माती 01 किलो |
| सुतगुंडी 01 नग | मातीचा किंवा तांब्याचा कलश 01 नग |
| पंचरंगी धागा 01 नग | द्रोण 25 नग |
| अत्तर 01 बाटली | पंचे 01 नग |
| जानवी जोड 02 जोड | ब्लाऊज पिस 02 नग |
| धुप 50 ग्रॅम | विविध प्रकारची सुवासीक फुले ½ किलो |
| माचिस 01 नग | झेंडूची फुले 01 किलो |
| कापुर 20 ग्रॅम | बेल पत्र 20 नग |
| तेल वाती 01 नग | तुळस 01 जुडी |
| तुप वाती 01 नग | दुर्वा 02 जुडी |
| तिळाचे तेल ½ लिटर | फुलांचे हार 01 नग |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | आंब्याचे डहाळे 02 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | गजरे 02 नग |
| अगरबत्ती 01 पुडा | वेण्या 01 नग |
| मोठ्या सुपार्या 20 नग | विड्याची पाने 40 नग |
| बदाम 05 नग | फळे 05 नग ( 01 संच ) |
| खारिक 05 नग | केळी 06 नग |
| अक्रोड 05 नग | गाईचे तुप 100 ग्रॅम |
| मध 01 बाटली | भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग |
| चौरंग 01 नग | स्टिलची ताटे 02 नग |
| पाट 01 नग | समई 01 नग |
| आसने 03 नग | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| ताम्ह्न 03 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| तांब्याचे तांबे 02 नग | नैवेद्य पेढे पाव किलो |
| पळी 01 नग | |
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टिप :-
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 2100/- |
| ठाणे ते दादर | 2500/- |
| पनवेल | 2100/- |
| नवी मुंबई | 2100/- |
| वेस्टर्न | 2500/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 2500/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 2500/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 600/- |
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