
सत्यनारायण पूजनासह गौरी पूजन
सत्यनारायण पूजा केल्याने सौभाग्य प्राप्त होते. सर्व मनोकामना पूर्ण होतात असा विश्वास आहे. असे मानले जाते की व्रताचे पालन केल्याने भगवान विष्णू आपले सर्व संकट दूर करतात. भगवान सत्यनारायणाची पूजा घरातील शांती आणि समृद्धीसाठी विशेष लाभदायक आहे.
गौरी पूजन म्हणजे देवी पार्वती किंवा गौरीची पूजा करणे. गौरी पूजन सामान्यतः आनंद आणि समृद्धीसाठी केले जाते. देवीला प्रसन्न केल्याने घरात सुख-समृद्धी येते आणि संपत्ती वाढते. त्यामुळे पती-पत्नीमधील संबंध सुधारतात. याशिवाय वैवाहिक जीवनातील अडथळे दूर होतात, तुम्हाला इच्छित आणि योग्य जीवनसाथी मिळतो.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | हळकुंड 5 नग |
| शंख | खडीसाखर 25 ग्रॅम |
| घंटी | सुके खोबरे 02 नग |
| बाळकृष्ण | गुळ 100 ग्रॅम |
| हळद 50 ग्रॅम | नारळ 04 नग |
| कुंकू 50 ग्रॅम | तांदुळ 02 किलो |
| गुलाल 50 ग्रॅम | पत्रावळी 05 नग |
| अभिर 50 ग्रॅम | द्रोण 25 नग |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | पंचे 01 नग |
| चंदन पावडर 01 डबी | ब्लाऊज पिस 02 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 01 किलो |
| गोमुत्र 01 बाटली | बेल पत्र 20 पान |
| सुतगुंडी 01 नग | तुळस 02 जुडी |
| पंचरंगी धागा 01 नग | दुर्वा 01 जुडया |
| अत्तर 1 डबी | फुलांचे हार 03 नग |
| जानवी जोड 03 नग | आंब्याचे डहाळे 02 नग |
| माचिस 01 नग | फुलांचे तोरण 01 नग |
| कापुर 25 ग्रॅम | गजरे 03 नग |
| तेल वाती 01 पाकीट | वेण्या 03 नग |
| तुप वाती 01 पाकीट | विड्याची पाने 30 नग |
| तिळाचे तेल 01 बाटली 500 मिलि | फळे 05 नग |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | केळी 12 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | मध 01 बाटली |
| अगरबत्ती 01 पुडा | चौरंग 01 नग |
| मोठ्या सुपार्या 35 नग | पाट 01 नग |
| बदाम 5 नग | आसने 04 नग |
| खारिक 5 नग | ताम्ह्न 03 नग |
| अक्रोड 5 नग | तांब्याचे तांबे 02 नग |
| पळी 01 नग | पातेल 01 नग |
| भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग | सत्यनारायणाचा फोटो 01 नग |
| स्टिलची ताटे 02 नग | केळीचे खांब 04 नग |
| समई 01 नग | गोडाचा शिरा ( सत्यनारायण प्रसाद ) 1.25 किलो प्रमाणात |
| निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग | पुरणपोळि |
| पंचामृत 01 वाटी | सुट्टे पैसे 30 नाणी |
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टिप :-
- जेवणाच्या नैवेद्याची व्यवस्था यजमानांनी करावी
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- तसेच घरातील बाळ कृष्ण, प्रसादाचा नैवेद्य सव्वा या प्रमाणे , पेढ़े ,समई ,निरांजन तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 2100/- |
| ठाणे ते दादर | 2500/- |
| पनवेल | 2500/- |
| नवी मुंबई | 2500/- |
| वेस्टर्न | 3100/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 3100/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 3100/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 3100/- |
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