
रूद्राभिषेक एकादश आवर्तन
या पूजेमध्ये शिवलिंगाची विधिवत पूजा केली जाते. पृथ्वीवरील शिव परिवारासह शिवलिंगाला (दुधाची धारा, पाण्याची धारा, तुपाची धारा, उसाच्या रसाची धारा, सहाराचे दूध मिश्रित पाणी इ.) अभिषेक करताना रुद्र पठण केले जाते. शिवाच्या अकरा रुद्र रूपांची पूजा केल्याने शत्रूंच्या भयापासून मुक्ती मिळते.
एकाग्रतेने अकरा रुद्रांची कथा वाचल्यास उत्तम फळ मिळते असे शिवपुराणात सांगितले आहे. तो संपत्ती आणि कीर्ती देणारा, मनुष्याचे आयुष्य वाढवणारा, सर्व इच्छा पूर्ण करणारा, पापांचा नाश करणारा आणि शेवटी सर्व सुख आणि उपभोग देणारा आहे.
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| सामग्री यादी : | |
| गणपती | नारळ 02 नग |
| शंख | तांदुळ ½ किलो |
| घंटी | द्रोण 10 नग |
| हळद 25 ग्रॅम | पंचे 01 नग |
| कुंकू 25 ग्रॅम | ब्लाऊज पिस 01 नग |
| गुलाल 25 ग्रॅम | विविध प्रकारची सुवासीक फुले ½ किलो |
| अभिर 25 ग्रॅम | बेल पत्र 108 नग |
| अष्टगंध 25 ग्रॅम | तुळस 01 जुडी |
| चंदन पावडर 25 ग्रॅम | दुर्वा 01 जुडी |
| रांगोळी 50 ग्रॅम | फुलांचे हार 01 नग |
| पंचरंगी धागा 01 नग | आंब्याचे डहाळे 01 नग |
| अत्तर 01 बाटली | गजरे 05 नग |
| जानवी जोड 02 जोड | विड्याची पाने 30 नग |
| माचिस 01 नग | फळे 05 नग ( 01 संच ) |
| कापुर 50 ग्रॅम | केळी 06 नग |
| तेल वाती 01 नग | गाईचे तुप 100 ग्रॅम |
| तुप वाती 01 नग | मध 01 बाटली |
| तिळाचे तेल ½ लिटर | दुध ½ लिटर कच्च |
| अगरबत्ती 01 पुडा | बेलफळ 02 नग |
| मोठ्या सुपार्या 10 नग | एका वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात |
| बदाम 05 नग | चौरंग 01 नग |
| खारिक 05 नग | आसने 02 नग |
| अक्रोड 05 नग | ताम्ह्न 02 नग |
| हळकुंड 05 नग | तांब्याचे तांबे 01 नग |
| खडीसाखर 20 ग्रॅम | पळी 01 नग |
| सुके खोबरे 01 नग | भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग |
| गुळ 100 ग्रॅम | स्टिलची ताटे 01 नग |
| पंचखाद्य 50 ग्रॅम | समई 01 नग |
| निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग | पातेल 01 नग |
| पंचामृत 01 वाटी | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा शंकराची पिंड |
| सुट्टे पैसे 20 नाणी | नैवेद्य दही भात |
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टिप :-
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
- अभिषेकासाठी दुधाची व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 2100/- |
| ठाणे ते दादर | 2500/- |
| पनवेल | 2500/- |
| नवी मुंबई | 2500/- |
| वेस्टर्न | 3100/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 3100/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 3100/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 600/- |
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