
त्रिकप्रसव शांती
त्रिप्रसव म्हणजे जर तीन मुलांनंतर मुलगी झाली किंवा तीन मुलीनं नंतर मुलगा जन्माला आला तर ते अशुभ मानले जाते किंवा जर त्यांचा जन्म कोणत्याही अशुभ मुहूर्तावर झाला असेल तर ही शांती करणे महत्त्वाचे आहे. हे त्यांच्या भावी जीवनातील अडथळे कमी करण्यास मदत करते आणि त्यांना आरोग्य, संपत्ती आणि समृद्धी मिळविण्यात मदत करते.
या योगाचे नकारात्मक प्रभाव नष्ट होण्यास मदत होते तसेच विवाह, समृद्धी, शिक्षण आणि प्रगतीच्या मार्गातील अडथळे दूर होतात.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | माचिस 01 नग |
| शंख | कापुर 100 ग्रॅम |
| घंटी | तेल वाती 01 नग |
| हळद 50 ग्रॅम | तुप वाती 01 नग |
| कुंकू 50 ग्रॅम | तिळाचे तेल 100 ग्रॅम |
| गुलाल 50 ग्रॅम | गुलाब पाणी 01 बाटली |
| अभिर 50 ग्रॅम | गंगाजळ 01 बाटली |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | अगरबत्ती 01 पुडा |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | मोठ्या सुपार्या 200 नग |
| पिवळी मोहरी 50 ग्रॅम | बदाम 25 नग |
| शतावरी 50 ग्रॅम | खारिक 25 नग |
| सप्तमृत्तिका 10 ग्रॅम | अक्रोड 25 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | हळकुंड 25 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | खडीसाखर 100 ग्रॅम |
| सुतगुंडी 01 नग | सुके खोबरे 07 नग |
| पंचरंगी धागा 01 नग | गुळ 100 ग्रॅम |
| अत्तर 01 बाटली | पंचखाद्य 200 ग्रॅम |
| जानवी जोड 10 जोड | नारळ 10 नग |
| गुग्गुळ 50 ग्रॅम | तांदुळ 05 किलो |
| धुप 25 ग्रॅम | गहु 02 किलो |
| पत्रावळी 10 नग | बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 03 किलो |
| द्रोण 25 नग | गोवर्या ( शेणी ) 15 नग |
| पंचे 02 नग | काळे तीळ 250 ग्रॅम |
| धोतर पान 01 नग | काळे उडीद 100 ग्रॅम |
| सोवळे 01 नग | होमपुडा 02 नग |
| साडी 01 नग | गाईचे तुप 01 किलो |
| ब्लाऊज पिस 06 नग | टोपली 01 नग |
| विविध प्रकारची सुवासीक फुले 01 किलो | मध 01 बाटली |
| बेल पत्र 51 नग | वरीचे तांदूळ 02 किलो |
| तुळस 01 जुडी | गव्हाचे पिठ ½ किलो |
| दुर्वा 02 जुडी | यव ( जव ) 250 ग्रॅम |
| फुलांचे हार 02 नग | एक वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात |
| आंब्याचे डहाळे 10 नग | रेती किंवा माती 01 किलो |
| गजरे 05 नग | विटा 12 नग किंवा मध्यम होमकुंड 01 नग |
| वेण्या 02 नग | चौरंग 03 नग |
| विड्याची पाने 50 नग | पाट 03 नग |
| फळे 10 नग | आसने 05 नग |
| केळी 12 नग | ताम्ह्न 10 नग |
| सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) 250 ग्रॅम | तांब्याचे तांबे 10 नग |
| समिधा 500 नग | पळी 02 नग |
| भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| स्टिलची ताटे 02 नग | सुट्टे पैसे 50 नाणी |
| सुप 01 नग | पातेल 01 नग |
| समई 02 नग | पेढे पाव किलो |
| निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग | नवग्रह प्रतिमा 01 नग |
| कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा | गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) 01 नग |
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टिप :-
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 2
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 6000/- |
| ठाणे ते दादर | 6000/- |
| पनवेल | 6000/- |
| नवी मुंबई | 6000/- |
| वेस्टर्न | 6000/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 6000/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 6000/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 2100/- |
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