
गणेश पूजन कलश पूजन
दोन्ही हातात रत्ने धारण करणारी बुद्धीची देवता. तो देवात पूजला जाणारा पहिला आहे. कोणतेही काम त्याच्या पहिल्या वंदनानंतरच सुरू होते. त्याच्या कृपेने कुटुंबावर येणारी सर्व संकटे दूर होतात. गणेशाशिवाय कोणत्याही घरात लक्ष्मीचा प्रवेश होत नाही. लक्ष्मी आणि गणेश या दोघांनी एकत्र घरात प्रवेश केल्याने कुटुंबाला सुख-समृद्धी मिळते.
सर्व धार्मिक कार्यात कलशाचे खूप महत्त्व आहे. उदाहरणार्थ, शुभ कार्य, नवीन व्यवसाय, नवीन वर्षाची सुरुवात, गृहप्रवेश, नवीन घरात प्रवेश करण्यापूर्वी, नवीन घर भाड्याने घेण्यापूर्वी किंवा भाड्याच्या घरात प्रवेश करण्यापूर्वी, दिवाळी पूजा, यज्ञ-विधी, दुर्गापूजा इत्यादी प्रसंगी प्रथम कलशाची स्थापना केली जाते. शास्त्रानुसार कलश हे सुख, समृद्धी, संपत्ती आणि शुभेच्छांचे प्रतीक मानले जाते.
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| सामग्री यादी : | |
| हळद 25 ग्रॅम | सुके खोबरे 02 नग |
| कुंकू 25 ग्रॅम | गुळ 100 ग्रॅम |
| गुलाल 25 ग्रॅम | नारळ 04 नग |
| अभिर 25 ग्रॅम | तांदुळ 02 किलो |
| अष्टगंध 25 ग्रॅम | पत्रावळी 05 नग |
| चंदन पावडर 01 डबी | द्रोण 25 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | पंचे 02 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | ब्लाऊज पिस 02 नग |
| सुतगुंडी 01 नग | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 500 ग्रॅम |
| पंचरंगी धागा 01 नग | बेल पत्र 20 पान |
| अत्तर 1 डबी | तुळस 01 जुडी |
| जानवी जोड 02 नग | दुर्वा 02 जुडया |
| माचिस 01 नग | फुलांचे हार 02 नग |
| कापुर 25 ग्रॅम | आंब्याचे डहाळे 02 नग |
| तेल वाती 01 पाकीट | फुलांचे तोरण 01 नग |
| तुप वाती 01 पाकीट | गजरे 02 नग |
| तिळाचे तेल 01 बाटली 500 मिलि | वेण्या 02 नग |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | विड्याची पाने 25 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | फळे 05 नग |
| अगरबत्ती 01 पुडा | केळी 06 नग |
| मोठ्या सुपार्या 25 नग | मध 01 बाटली |
| बदाम 5 नग | चौरंग 01 नग |
| खारिक 5 नग | पाट 01 नग |
| अक्रोड 5 नग | आसने 03 नग |
| हळकुंड 5 नग | ताम्ह्न 02 नग |
| खडीसाखर 25 ग्रॅम | तांब्याचे तांबे 02 नग |
| पळी 01 नग | गोडाचा शिरा किंवा पेढे 500 ग्रॅम |
| भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग | मीठ 500 ग्रॅम |
| स्टिलची ताटे 02 नग | नविन तांब्या 01 नग |
| समई 01 नग | दुध ½ लिटर |
| निरांजन (तेलाचे व तुपाचे) प्रत्येकी 01 नग | गणपती आणि लक्ष्मिचा फोटो 01 नग |
| पंचामृत 01 वाटी | सुट्टे पैसे 25 नाणी |
| नविन झाडू 01 नग | पातेल 01 नग |
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टिप :–
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या –1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 2100/- |
| ठाणे ते दादर | 2500/- |
| पनवेल | 2500/- |
| नवी मुंबई | 2500/- |
| वेस्टर्न | 3100/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 2500/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 2500/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 1100/- |
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