
नामकरण संस्कार बारस
नामकरण संस्काराच्या निरनिराळ्या पद्धती आहेत. मुलाचे १२ वे दिवशी आणि मुलीचे ११ वे दिवशी बारसे करण्याची (नामकरण विधी) रूढी असून काही कुळांत ४० दिवसांनंतर बारसे करण्याची पद्धत आहे. मुलाच्या बारशाच्या वेळी आईने कुलदेवतेची पूजा करून तिची प्रार्थना करून नामकरणाची रूढी आहे.
जन्मदिवसापासून बाराव्या किंवा तेराव्या दिवशी पालकारोहण हा विधी करतात. त्या वेळी पालकारोहण (मुलाला पाळण्यात घालणे) हा महत्त्वाचा विधी असतो. नामकरण करतांना श्री गणपतिपूजन, पुण्याहवाचन, मातृकापूजन, नांदीश्राद्ध, होम करतात आणि कांस्यपात्रात तांदूळ घालून त्यावर मुलाचे नाव लिहितात. पवित्र आवरण जपत नवजात बालकाचे नाव जपले जाते. प्रत्येक देवी-देवता त्यांना सुखी, आरोग्य, समृद्धी, कीर्ती देवो हीच प्रार्थना केली जाते.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | खडीसाखर 20 ग्रॅम |
| शंख | सुके खोबरे 02 नग |
| घंटी | गुळ 250 ग्रॅम |
| हळद 50 ग्रॅम | नारळ 08 नग |
| कुंकू 50 ग्रॅम | तांदुळ 03 किलो |
| गुलाल 50 ग्रॅम | गहु 01 किलो |
| अभिर 50 ग्रॅम | पत्रावळी 05 नग |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | द्रोण 25 नग |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | पंचे 03 नग |
| पिवळी मोहरी 25 ग्रॅम | धोतर पान 01 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | ब्लाऊज पिस 05 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 01 किलो |
| सुतगुंडी 01 नग | बेल पत्र 10 पान |
| पंचरंगी धागा 01 नग | तुळस 01 जुडी |
| अत्तर 1 डबी | दुर्वा 02 जुडया |
| जानवी जोड 04 नग | फुलांचे हार 01 नग |
| माचिस 01 नग | आंब्याचे डहाळे 03 नग |
| कापुर 25 ग्रॅम | फुलांचे तोरण 01 नग |
| तेल वाती 01 पाकीट | गजरे 05 नग |
| तुप वाती 01 पाकीट | वेण्या 02 नग |
| तिळाचे तेल 01 बाटली 500 मिलि | विड्याची पाने 50 नग |
| अगरबत्ती 01 पुडा | फळे 10 नग ( 02 संच ) |
| मोठ्या सुपार्या 100 नग | केळी 06 नग |
| बदाम 10 नग | समिधा 300 नग |
| खारिक 10 नग | बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 02 किलो |
| अक्रोड 10 नग | गोवर्या ( शेणी ) 07 नग |
| हळकुंड 10 नग | काळे तिळ 50 ग्रॅम |
| मध 01 बाटली | तांब्याचे तांबे 03 नग |
| गाईचे तुप 500 ग्रॅम | पळी 02 नग |
| गव्हाचे पिठ 500 ग्रॅम | भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग |
| दोन वाटी तांदुळचा शिजवलेला भात | स्टिलची ताटे 02 नग |
| रेती किंवा माती 02 किलो | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| विटा 10 नग | समई 01 नग |
| चौरंग 01 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| पाट 04 नग | गाईचे शेण 50 ग्रॅम |
| आसने 07 नग | सुट्टे पैसे 25 नाणी |
| मुंडावळी 01 नग | पातेल 01 नग |
| ताम्ह्न 03 नग | गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) |
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टिप :-
- नविन पोशाख / मिठाईची व्यवस्था यजमानांनी करावी.
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- जेवणाच्या नैवेद्याची व्यवस्था यजमानांनी करावी
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 3500/- |
| ठाणे ते दादर | 4000/- |
| पनवेल | 4000/- |
| नवी मुंबई | 4000/- |
| वेस्टर्न | 4000/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 4000/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 4000/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 1000/- |
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