
60 वा वाढदिवस उग्ररथ शांती
60 वर्षे पूर्ण करणे हा एकदाच्या आयुष्यात मोजता येण्याजोगा मैलाचा दगड मानला जातो, संत आणि ऋषींनी माणसाच्या आयुष्यात 60 वर्षांचे महत्त्व मानले आहे. त्यामुळे पुढे ते त्या व्यक्तीचे नवीन जीवन मानले जाते आणि हा विशेष कार्यक्रम आयोजित केला जातो ज्यामध्ये त्याच्या 60 वर्षांच्या आठवणी सांगितल्या जातात तसेच जन्मादरम्यान आयोजित केलेल्या सर्व विधी आणि विधी पुन्हा विस्तारित स्वरूपात सुधारल्या जातात. त्यामुळे वैदिक परंपरेनुसार हा कार्यक्रम महत्त्वाचा आहे.
शांततेसाठी केल्या जाणार्या सर्व प्रक्रियांना “उग्ररथ शांती” म्हणून ओळखले जाते. ही शांती शारीरिक आणि मानसिक उपचारांसाठी खूप उपयुक्त आहे तसेच ती जीवनातील मानसिक शांती वाढवते. या शांतीमुळे जीवनातून सर्व नकारात्मक ऊर्जा काढून टाकली जाते आणि आरोग्य, संपत्ती आणि समृद्धी वाढते.
सामग्री यादी : |
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| गणपती | मोठ्या सुपार्या 175 नग |
| शंख | बदाम 20 नग |
| घंटी | खारिक 20 नग |
| हळद 50 ग्रॅम | अक्रोड 20 नग |
| कुंकू 50 ग्रॅम | हळकुंड 20 नग |
| गुलाल 50 ग्रॅम | खडीसाखर 50 ग्रॅम |
| अभिर 50 ग्रॅम | सुके खोबरे 05 नग |
| अष्टगंध 50 ग्रॅम | गुळ 100 ग्रॅम |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | पंचखाद्य 100 ग्रॅम |
| पिवळी मोहरी 10 ग्रॅम | नारळ 08 नग |
| शतावरी 10 ग्रॅम | तांदुळ 03 किलो |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | गहु 02 किलो |
| गोमुत्र 01 बाटली | पत्रावळी 05 नग |
| सुतगुंडी | द्रोण 25 नग |
| पंचरंगी धागा 01 नग | पंचे 01 नग |
| अत्तर 01 बाटली | धोतर पान 01 नग |
| जानवी जोड 04 जोड | सोवळे 01 नग |
| गुग्गुळ 50 ग्रॅम | ब्लाऊज पिस 06 नग |
| धुप 50 ग्रॅम | विविध प्रकारची सुवासीक फुले 01 किलो |
| माचिस 01 नग | बेल पत्र 20 नग |
| कापुर 25 ग्रॅम | तुळस 01 जुडी |
| तेल वाती 01 नग | दुर्वा 01 जुडी |
| तुप वाती 01 नग | फुलांचे हार 04 नग |
| तिळाचे तेल ½ लिटर | आंब्याचे डहाळे 04 नग |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | फुलांचे तोरण 01 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | गजरे 04 नग |
| अगरबत्ती 01 पुडा | वेण्या 02 नग |
| विड्याची पाने 40 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| फळे 10 नग ( 02 संच ) | गोमय ( गाईचे शेण ) 10 ग्रॅम |
| केळी 06 नग | सुट्टे पैसे 50 नाणी |
| सप्तधान्य ( तुर, मुग, चणा, वाटाणा, मसुर, उडीद, ज्वारी, ) प्रत्येकी 250 ग्रॅम | पातेल 01 नग |
| समिधा 400 नग | नवग्रह प्रतिमा |
| बंब खोड ( इंधन / लाकडे ) 02 किलो | गाईची प्रतिमा ( चांदीची गाय ) |
| गोवर्या ( शेणी ) 15 नग | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा |
| काळे तीळ 500 ग्रॅम | पेढे पाव किलो |
| काळे उडीद 50 ग्रॅम | चौरंग 03 नग |
| होमपुडा 01 नग | पाट 03 नग |
| गाईचे तुप 01 किलो | आसने 05 नग |
| टोपली 01 नग | ताम्ह्न 05 नग |
| मध 01 बाटली | तांब्याचे तांबे 05 नग |
| खाण्याचे रंग ( लाल, हिरवा, पिवळा, काळा ) प्रत्येकी 10 ग्रॅम | पळी 02 नग |
| गव्हाचे पिठ½ किलो | भांडे ( पंचपात्री ) 02 नग |
| रेती किंवा माती 02 किलो | स्टिलची ताटे 02 नग |
| विटा 20 नग किंवा मोठ होमकुंड | समई 02 नग |
| निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग | |
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टिप :-
- पुरणाचे किंवा कणकेचे दिवे 60 बनवण्याची व्यवस्था यजमानांनी करावी.
- पोशाख व हार आणि गुच्छ व तुळा पूजन करायचे असल्यास तुळा व यजमानाच्या वजना एवढे धान्य किंवा गुळ किंवा आपल्या इच्छेने द्रव्याची व्यवस्था यजमानांनी करावी.
- होम विटांवर करायचा असल्यास विटांची आणि रेती किंवा माती व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा पॅकेज मध्ये गुरुजीन कडून होमकुंड पुरवले जाईल.
- जेवणाच्या नैवेद्याची व्यवस्था यजमानांनी करावी
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 3
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 7500/- |
| ठाणे ते दादर | 9000/- |
| पनवेल | 9000/- |
| नवी मुंबई | 9000/- |
| वेस्टर्न | 9000/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 9000/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 9000/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 3100/- |
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