
वैभव लक्ष्मी व्रत
देवी लक्ष्मीची कृपा प्राप्त करण्यासाठी शुक्रवारी वैभव लक्ष्मी व्रत केले जातात. व्रत करणाऱ्यांचा असा विश्वास आहे की, जर संकल्प करून २१ किंवा ११ शुक्रवार देवी लक्ष्मीची पूजा केली गेली तर ज्या संसारिक इच्छेसाठी व्रत ठेवले आहे ते यशस्वी होईल. परंतु वैभव लक्ष्मीचे व्रत करणाऱ्यांनी व्रतातील काही गोष्टींची विशेष काळजी घ्यावी आणि पुढील ५ घटकांचा पूजेमध्ये समावेश करावा चांदीची नाणी, श्रीयंत्र, अष्टलक्ष्मीचे चित्र, कमळ किंवा गुलाब फुल, कमळांच्या बियांची माळ.
वैभवने लक्ष्मीची पूजा करणाऱ्या कुटुंबाला शांती, समृद्धी आणि आनंदाचा आशीर्वाद दिला. काही लोक काही उद्देश साध्य करण्यासाठी त्यांची पूजा करतात.
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सामग्री यादी : |
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| गणपती | हळकुंड 5 नग |
| शंख | खडीसाखर 20 ग्रॅम |
| घंटी | सुके खोबरे 02 नग |
| हळद 25 ग्रॅम | गुळ 100 ग्रॅम |
| कुंकू 25 ग्रॅम | पंचखाद्य 100 ग्रॅम |
| गुलाल 25 ग्रॅम | नारळ 3 नग |
| अभिर 25 ग्रॅम | तांदुळ 02 किलो |
| अष्टगंध 25 ग्रॅम | द्रोण 25 नग |
| चंदन पावडर 50 ग्रॅम | पंचे 01 नग |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | उपर्णे 01 नग |
| गोमुत्र 01 बाटली | साडी 01 नग |
| सुतगुंडी 01 नग | ब्लाऊज पिस 02 नग |
| पंचरंगी धागा 01 नग | विविध प्रकारची सुवासीक फुले ½ किलो |
| अत्तर 01 बाटली | बेल पत्र 20 नग |
| जानवी जोड 02 जोड | तुळस 01 जुडी |
| माचिस 01 नग | दुर्वा 01 जुडी |
| कापुर 25 ग्रॅम | फुलांचे हार 01 नग |
| तेल वाती 01 नग | आंब्याचे डहाळे 02 नग |
| तुप वाती 01 नग | केळीची पान 04 नग |
| तिळाचे तेल 01 लिटर | फुलांचे तोरण 01 नग |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | गजरे 02 नग |
| गंगाजळ 01 बाटली | वेण्या 01 नग |
| अगरबत्ती 01 पुडा | विड्याची पाने 30 नग |
| मोठ्या सुपार्या 25 नग | फळे 05 नग ( 01 संच ) |
| बदाम 5 नग | केळी 06 नग |
| खारिक 5 नग | गाईचे तुप 100 ग्रॅम |
| अक्रोड 5 नग | मध 01 बाटली |
| सुतळी 01 बंडल | समई 02 नग |
| चौरंग 01 नग | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| आसने 03 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| ताम्ह्न 03 नग | सुट्टे पैसे 20 नाणी |
| तांब्याचे तांबे 02 नग | पातेल 01 नग |
| पळी 01 नग | कर्मानुसार मुख्यदेवता प्रतिमा लक्ष्मीची |
| भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग | नैवेद्य मिठाई पाव किलो |
| स्टिलची ताटे 02 नग | |
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टिप :-
- चौरंग, पाट, आसने, ताम्ह्न, तांब्याचे तांबे, पळी, भांडे ( पंचपात्री ), स्टिलची ताटे, वाटी चमचे, पातेल, इत्यादि वस्तूंची व्यवस्था यजमानांना करावी लागेल अन्यथा गुरुजीन कडून भाडे तत्वावर पुरवले जाईल.
- घरातील देव, फोटो, गोडाचा शीरा किवा पेढ़े, समई, निरांजन, तेल, तूप ही व्यवस्था यजमानाने करावी.
ठिकाण आणि दक्षिणा:
गुरुजी संख्या – 1
| ठिकाण | दक्षिणा |
| डोंबिवली | 2500/- |
| ठाणे ते दादर | 3100/- |
| पनवेल | 3100/- |
| नवी मुंबई | 3100/- |
| वेस्टर्न | 3500/- |
| टिटवाळा ते कसारा | 3500/- |
| बदलापूर ते कर्जत | 3500/- |
| सामग्री (गुरुजींच्या दक्षिणे व्यतिरिक्त) | 600/- |
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